Special Segment : 100 में 90 बईमान, फिर भी मेरा देश महान, पढ़े पूरी खबर

इस खबर को पढ़ते और देखते हुए ये नारे ध्यान में रखियेगा की "मेरा देश बदल रहा है" और "सबका साथ सबका विकास"

मेरा देश बदल रहा है, आज देश कई मायनो में बदल रहा है, आपका, मेरा और हम सबका हिंदुस्तान स्वच्छता के साथ-साथ डिजिटल हो रहा है, न्यू इंडिया, स्किल इंडिया के साथ देश का युवा भी अपने सपनो के हिंदुस्तान को सच होते देख रहा है, राजनैतिक लिहाज से देश में पिछले 3 सालो के भीतर बड़े बदलाव हुए, देश के बड़े और ऐतिहासिक कहलाये जाने वाले राजनैतिक दल, अपने ही देश में ही पुनर्जन्म की कोशिश में जुटे है, कुछ ऐसे निकले जो आपस में भिड़ गए और अब अपने अस्तित्व के लिए पंजे घिस रहे है, राजनौतिक मंच का मुखिया कोई एक बनता दिख रहा है, वो एक जो सबकी कमान थामे है वो सही है या गलत, इसका निर्णय ये छोटा सा पत्रकार क्या करेगा.

खैर इन नेताओ से अलग न जाने देश के ऐसे कितने सिपाही है जो आज भी लगातार देश को अपने स्तर से संवारने में लगे है, इन नेताओ और इन सिपाहियों में फर्क सिर्फ इतना है कि ये सिपाही इन सोशल मीडिया क्लास के नेताओ की तरह ना तो अपने द्वारा किये गए कार्यो को ट्विटर पर ट्वीट करते है और ना ही अपनी सेल्फी के द्वारा लोगो का ध्यान खुद पर आकर्षित करते है.

इन दिनों इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक कूड़े बीनने वाले का इंटरव्यू लिया गया है, इस वीडियो में जो कूड़े बीनने वाला है वह बी.कॉम पास है और उसने 14 साल नौकरी की है, लेकिन फिलहाल वह देश की सेवा करते हुए अपना पेट पाल रहा है. अब आप सोचेंगे कि एक पढ़ा-लिखा कूड़े बीनने वाला इंसान देश की सेवा कैसे कर रहा है. तो आपको बता दें, वह दिल्ली की गंदगी साफ करता है यानी कूड़ा इकट्ठा करता है और उसी से अपना पालन पोषण भी करता है.

देखे वीडियो : 

फैसला कीजिये और समझिये कि आपकी इस बदलते हिंदुस्तान में क्या भागीदारी है या क्या हो सकती है, कही आप भी इस श्रेणी में तो नहीं आते जैसे इन जनाब ने कहा कि "100 में 90 बईमान, फिर भी मेरा देश महान"
अंतिम फैसला आपका है, शुक्रिया....

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