‘धोनी की आधार डीटेल ट्वीट करने वाली एजेंसी को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया’

जिस एजेंसी ने एमएस धोनी की आधार संबंधी जानकारी ट्वीट की थीं, उसे 10 सालों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से  न्यूज एजेंसी PTI  ने यह जानकारी दी है

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के बहाने आधार का प्रचार करने में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इसी विभाग के मंत्री रविशंकर प्रसाद से बड़ी गलती हो गई थी. मंत्रालय की इस गलती पर क्रिकेटर धोनी की पत्नी साक्षी धोनी ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद से ट्विटर के जरिए सवाल पूछे हैं. साक्षी ने मंत्रालय पर महेंद्र सिंह धोनी के आधार से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप लगाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए रविशंकर प्रसाद ने तत्काल साक्षी की शिकायत पर एक्शन लिया और आईटी मिनिस्ट्री से जुड़े एक ट्विटर हैंडल से धोनी के आधार से जुड़ी जानकारी डिलीट करवा दी.

पढ़े पूरा मामला :

केंद्र की मोदी सरकार आजकल देश के हर नागरिक को आधार से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है. इसी कारण से आधार से लोगों को जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर इसका प्रचार किया जा रहा है. जिसके चलते मंगलवार को आईटी मिनिस्ट्री से जुड़े लोग महेंद्र सिंह धोनी के घर पर जाकर उनके आधार के लिए डिटेल जुटा रहे थे. धोनी के बहाने आधार के प्रचार के लिए आईटी मिनिस्ट्री से जुड़े एक ट्विटर हैंडल से पूरी प्रकिया की तस्वीरें ट्वीट की गई. इसी दौरान गलती से महेंद्र सिंह धोनी की ओर से आधार के लिए भरे गए फॉर्म को भी ट्वीट कर दिया गया. उस ट्वीट को रविशंकर प्रसाद ने अपने डिपार्टमेंट का बेहतर काम बताते हुए रीट्वीट कर दिया.

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी ने इसे तत्काल नोटिस किया और रविशंकर प्रसाद को ट्वीट करते हुए पूछा कि प्राइवेसी नाम की कोई चीज है या नहीं?

साक्षी के सवाल पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तत्काल जवाब दिया कि नहीं, यह कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं है. क्या यह ट्वीट किसी भी व्यक्तिगत जानकारी का खुलासा करता है? जिस पर साक्षी ने कहा कि फॉर्म में भरी व्यक्तिगत जानकारी लीक हो गई हैं.

आपको बता दें कि आधार कार्ड की सुरक्षा और इससे जुड़े मुद्दे पर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो रही है. कुछ लोगो का मानना है कि आधार से प्राइवेसी को भी खतरा है.

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