नोटबंदी के बाद जमा हुई रकम जानने के लिए करना होगा थोड़ा इंतज़ार

नोटबंदी के बाद एक ही सवाल जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है तो वह ये है कि आखिर कितना पैसा वापस बैंक सिस्टम में आया है. आरबीआई गर्वनर उर्जित पटेल संसद की वित्तीय मामलों की स्थायी समिति के सामने आए. खबरों से मिली जानकारी के अनुसार, उर्जित पटेल ने समिति के सामने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया,जब उनसे ये सवाल पूछा गया तो, उनका तर्क था कि उसके अच्छी तरह से 'सत्यापन' की आवश्यकता है और इस काम को बेहद सावधानीपूर्वक किया जा रहा है. वित्तमंत्री एवं आरबीआई बोर्ड की बैठक के बाद गवर्नर उर्जित पटेल ने यह जानकारी दी. आरबीआई गर्वनर ने कहा कि "बैंक की हजारों शाखाएं हैं और 4,000 करेंसी चेस्ट हैं. इसलिए हमें इन आकड़ो को लेकर सावधान रहने की ज़रुरत है, अंतिम संख्या को लेकर अनुमान लगाना ठीक नहीं होगा, बल्कि उसे पूरी तरह से सत्यापित करने के बाद ही बताया जाना चाहिए."

जब उनसे ये सवाल पूछा गया कि नोटबंदी के बाद कितनी संख्या में पुराने नोट बैंकों में वापस जमा किए गए? पटेल ने कहा, "पुराने नोट जमा करने के लिए बैंकों में खिड़की इस साल में 31 मार्च 2017 और 30 जून 2017 तक खुली है. यह देखते हुए हमें सावधानीपूर्वक गणना करने के बाद ही उस पर कुछ स्पष्ट तौर पर कहना उचित होगा." जो भारतीय विदेशों में रहते हैं, वो लोग 31 मार्च, 2017 तक अपनी करेंसी जमा करवा सकते हैं. जबकि अनिवासी भारतीय को यह सुविधा 30 जून, 2017 तक ही है. आरबीआई का कहना था कि 10 दिसंबर, 2016  तक कुल 12.44 लाख करोड़ रुपये के नोट जमा किए गए हैं.

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