RBI के कर्मचारियों ने गवर्नर को लिखा पत्र कहा, नोटबंदी से केंद्रीय बैंक की स्वायत्ता को पहुंची चोट

नोटबंदी के बाद के घटनाक्रमों से भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई के कर्मचारी स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं, इन कर्मचारियों ने शुक्रवार को गवर्नर उर्जित पटेल को चिट्ठी लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है. कर्मचारियों ने पत्र में लिखा कि नोटबंदी की प्रक्रिया के परिचालन में 'कुप्रबंधन' और केन्द्र सरकार द्वारा मुद्रा प्रबंधन के लिए अलग से एक अधिकारी की नियुक्ति कर केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को चोट पहुंची है.
पत्र में कहा गया है कि इस कुप्रबंधन से आरबीआई की छवि और स्वायत्तता को 'इतनी क्षति पहुंची है कि उसे दुरूस्त करना काफी मुश्किल है'.

इस पत्र में कहा गया है कि, 'रिजर्व बैंक की दक्षता और स्वतंत्रता वाली छवि उसके कर्मचारियों की कई सालों की मेहनत से बनी थी, लेकिन इसे एक झटके में ही खत्म कर देना अत्यंत क्षोभ का विषय है'.चिट्ठी में लिखा गया है कि आरबीआई देश में मुद्रा प्रबंधन का काम 1935 से यानि पिछले आठ दशक से कर रहा है और उसे किसी भी तरह के 'सहारे' और वित्तमंत्री का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है.

आपको बता दें कि इससे पहले आरबीआई के तीन पूर्व गवर्नर विमल जालान, वाईवी रेड्डी और मनमोहन सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री) ने रिजर्व बैंक के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाया था.

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