PMO का रेल मंत्रालय को पत्र, रेलवे के काम में तेजी लाने के निर्देश

पीएमओ ने रेल मंत्रालय को एक पत्र लिखकर रेलवे में विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर सचेत किया है. पीएम के पर्सनल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्र ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल को लिखे पत्र में रेल लाइन दोहरीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन की सुस्त रफ्तार पर चिंता जाहिर करते हुए सवाल पूछा है कि पिछले 2 साल से रेलवे को मिल रहे फंड में भारी मात्रा मे बढ़ोतरी हुई है, तो भी काम में तेजी क्यों नहीं आई.

पीएमओ की तरफ से रेलवे बोर्ड को 31 जनवरी को यह पत्र भेजा गया था. इस पत्र में कहा गया है कि सन 2016 के लिए रेल लाइन दोहरीकरण का लक्ष्य 1600 किलोमीटर का रखा गया था. लेकिन इस लक्ष्य के विपरीत रेलवे ने दिसंबर तक सिर्फ 531 किलोमीटर की रेल लाइन के दोहरीकरण का ही काम किया है. इसके अलावा इस पत्र में कहा गया है 2016 के लिए रेलवे ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन के काम का लक्ष्य दो हजार किलोमीटर तय किया गया था, लेकिन इसके उलट अभी तक 1210 किलोमीटर रेल लाइन का ही इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है.

पत्र में लिखा गया कि रेलवे इस बात को सही साबित करेगा कि अगले साल के बजट में उसको विकास कार्यों के लिए जो रकम दी गई है, वह पर्याप्त है इसको साबित करने के लिए रेलवे अपने लक्ष्य से ज्यादा काम करेगा. रेल मंत्रालय से काम में तेजी लाने और मौजुदा फाइनेंशल ईयर के अंतिम दिनों में फंड को खत्म करने के लिए पहले की तरह काम ना किया जाए. अगर ऐसा किया जाता है तो इससे आने वाले फाइनेंशल ईयर की पहले तीन महीने में काम की रफ्तार मंद पड़ जाती है. लिहाजा रेलवे को अपने काम की समीक्षा करनी चाहिए और अपनी क्रियान्वयन क्षमता को बढ़ाना चाहिए.

पीएमओ से आई इस चिट्ठी के बाद रेलवे बोर्ड के आला अफसरों में अफरातफरी जैसा माहौल है. रेलमंत्री सुरेश प्रभु लगातार रेलवे बोर्ड के अफसरों और अलग-अलग रेलवे जोन के महाप्रबंधकों से लगातार मीटिंग पर मीटिंग कर रहे हैं. इसके अलावा हर डिपार्टमेंट के काम की समीक्षा भी की जा रही है.

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