क्रेडिट या डेबिट कार्ड से 2,000 रुपये तक के लेन-देन पर सर्विस टैक्स मे छूट :सरकार

यदि आप क्रेडिट या डेबिट कार्ड से 2000 की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं तो अब इस पर आपको सर्विस टैक्स नहीं देना होगा. कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा  की गई यह एक सराहनीय पहल होने के साथ-साथ इन माध्यमों का उपयोग करने वालों के लिए राहत की खबर है. अगर बात मौजूदा वक्त की करे तो इन ट्रांजैक्शन पर 15 फीसदी टैक्स किया जाता है. सरकार द्वारा की गई नई घोषणा आज यानी गुरुवार से ही लागू हो रही  है.

8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद सरकार ने अपने तमाम बयानों में  इस बात पर जोर दिया और कहा कि वो वह काले धन को पूरी तरह से खत्म के लिए कैशलेस इकॉनमी की ओर देश को ले जाना चाहती है. सरकार द्वारा किया गया यह ऐलान इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है.

नोटबंदी के बाद नकदी संकट को देखते हुए सरकार पहले ही ये ऐलान कर चुकी थी कि 31 दिसंबर तक डेबिट कार्ड के प्रयोग पर सर्विस टैक्स नहीं लगेगा. कैशलेस इकॉनमी के लिए प्रयासरत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट जैसे पेटीएम से भुगतान की सीमा भी बढ़ा दी है. ई वॉलेट से पेमेंट की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई है

यदि आप क्रेडिट या डेबिट कार्ड से 2000 की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं तो अब इस पर आपको सर्विस टैक्स नहीं देना होगा. कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा  की गई यह एक सराहनीय पहल होने के साथ-साथ इन माध्यमों का उपयोग करने वालों के लिए राहत की खबर है. अगर बात मौजूदा वक्त की करे तो इन ट्रांजैक्शन पर 15 फीसदी टैक्स किया जाता है. सरकार द्वारा की गई नई घोषणा आज यानी गुरुवार से ही लागू हो रही  है.

8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद सरकार ने अपने तमाम बयानों में  इस बात पर जोर दिया और कहा कि वो वह काले धन को पूरी तरह से खत्म के लिए कैशलेस इकॉनमी की ओर देश को ले जाना चाहती है. सरकार द्वारा किया गया यह ऐलान इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है.

नोटबंदी के बाद नकदी संकट को देखते हुए सरकार पहले ही ये ऐलान कर चुकी थी कि 31 दिसंबर तक डेबिट कार्ड के प्रयोग पर सर्विस टैक्स नहीं लगेगा. कैशलेस इकॉनमी के लिए प्रयासरत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट जैसे पेटीएम से भुगतान की सीमा भी बढ़ा दी है. ई वॉलेट से पेमेंट की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *