BMC चुनाव के नतीजे: जीत कर भी नहीं जीत सकी शिवसेना..

महाराष्ट्र में 10 नगर निगमों और 25 जिला परिषदों के लिए हुए चुनावों के लिए वोटों की गिनती कल पूरी हो गई. कल सुबह से ही सबकी नजरें मुंबई स्थानीय निकाय बीएमसी पर टिकी थी. शिवसेना तथा बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला था, शाम तक तस्वीर साफ हो गई. शिवसेना ने 227 सीटों में से 84 तथा भाजपा ने 81 सीटें हासिल की, बात अगर कांग्रेस की करें तो जबकि कांग्रेस 31 सीटें जीतने में कामयाब रही है. एनसीपी को 9, एमएनएस को 7 और अन्य को 11 सीटें मिली हैं.

बीजेपी शिवसेना से सिर्फ तीन सीटों से पीछे रही. इसके साथ ही पार्टी ने महाराष्‍ट्र के निगम चुनावों में नौ में से आठ प्रमुख नगरपालिकाओं में भी जीत दर्ज की है. राज्‍य के भाजपा के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिन्‍होंने चुनावों में पार्टी का नेतृत्व किया है, स्पष्ट रूप से मैन ऑफ द मैच हैं.

नतीजों के ऐलान के बाद तुरंत बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि ''हमारी पार्टी मुंबई में नंबर 1 है.'' वहीं भाजपा के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कहा कि "यह एक अभूतपूर्व जीत है. मैं महाराष्ट्र के लोगों को धन्यवाद देता हूं. यह पारदर्शिता के लिए किया गया मतदान है." मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में बीजेपी कार्यालय में यह बात कही. उन्‍होंने चुनावों में पार्टी के अच्‍छे प्रदर्शन का श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडा को दिया.

महाराष्ट्र के 10 नगर निगमों के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में करीब 56 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला, जबकि बीएमसी में 55 प्रतिशत मतदान हुआ. काफी तनाव के बाद भाजपा और राज्य सरकार में उसके गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने बीएमसी में अलग-अलग चुनाव लड़ा है. दोनों ही दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान एक-दूसरे की जमकर आलोचना की थी.

मंगलवार को हुए 11 जिला परिषदों और 118 पंचायत समितियों के लिए मतदान में 69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनावों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की साख दांव पर लगी है, क्योंकि दोनों ने अपनी-अपनी पार्टियों के प्रचार की कमान संभाली थी.

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