‘बेटी की इज्‍जत से बड़ा वोट’, शरद यादव की सफाई ‘कुछ गलत नहीं कहा’

बिहार में जेडीयू के नेता शरद यादव ने वोट और लड़कियों को लेकर दिए गए बयान पर अपनी सफाई देते हुए कहा है, कि ‘मैंने कोई गलत बयान नहीं दिया है. वोट और बेटी के प्रति प्यार और इज्जत एक-सी होनी चाहिए, जैसे बेटी से प्यार करते हैं वैसे ही वोट से भी प्यार कीजिए, तभी देश और सरकार अच्छी बनेगी.’ शरद के इस विवादित बयान पर ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.

दरअसल, मंगलवार को पटना के एक कार्यक्रम के दौरन वह चुनावी राजनीति के गिरते स्तर और पैसे-वोट के गठजोड़ पर चिंता जता रहे थे, उस समय उन्‍हें एक विवादित बयान देते हुए कहा था, कि ‘वोट की कीमत बेटी की इज्जत से बड़ी है. बेटी की इज्जत जाएगी तो गांव और मोहल्ले की इज्जत जाएगी, मगर वोट बिक गया तो देश की इज्जत जाएगी.'  साथ ही शरद यादव ने कहा, कि पैसे की बदौलत आज कल वोटों को खरीदा और बेचा जाता है. लोगों को बैलट पेपर के बारे में समझाने की जरूरत हैं. इस विवादित बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हो रही है.

आप को बता दें, साल 2015 में भी बीमा विधेयक पर चर्चा के दौरान शरद यादव ने महिलाओं को लेकर एक विवादित बयान देते हुए कहा था, कि भारतीयों को गोरे रंग के प्रति आसक्ति हैं. इसलिए तो विदेशी निवेश की पैरवी की जा रही है. साथ ही कहा था, कि यहां तो शादी के विज्ञापनों में भी गोरी दुल्हन की चाहत की जाती है. इस बयान की काफी निंदा हुई थी.