अलविदा 2016 : भारत ने हासिल कीं 7 अनोखी उपलब्धियां,बिन्दुओं मे पढ़ें

अपने अंत के करीब पहुंच चुके साल 2016 में भारत ने कई ऐतिहासिक ऐसे कार्य किए,आइए इन बिन्दुओँ मेंपढ़ें,ये उपलब्धियां

जापान के साथ असैन्य परमाणु करार हुआ और परमाणु क्षति पूरक मुआवजा संधि को भी अनुमोदित कर दिया गया. 11 नवंबर को भारत और जापान ने असैन्य परमाणु ऊर्जा को लेकर एक ऐतिहासिक करार पर हस्ताक्षर किए. इस करार से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंधों में गति लाने और जापानी कंपनियों को भारत में परमाणु संयंत्र लगाने में सहायता मिलेगी.

इस साल दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की 147वीं जयंती के मौके पर ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर कर दिये. संयुक्त राष्ट्र सभा के महासचिव बान की मून ने भारत के‘‘जलवायु नेतृत्व’’ की प्रशंसा करते हुए भारतवर्ष को धन्यवाद कहा.

इसी साल 21 जून को संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की इमारत के बाहर 135 राष्ट्रों के     लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए जुटे. भारत इसी साल मिसाइल           प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था का सदस्य भी बन गया.

भारत ने इस साल दिसंबर में परमाणु क्षमता से युक्त बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-पांच का सफल परीक्षण किया जिसकी पहुंच चीन तक होगी. इस कामयाब परीक्षण से सबसे ताकतवर भारतीय मिसाइल के प्रायोगिक परीक्षण और अंतिम तौर पर इसे स्पेशल फोर्सेस कमांड में शामिल करने का रास्ता भी साफ भी हो गया.

22 जून को भारत ने  अंतरिक्ष जगत में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए एक ही   मिशन के दौरान 17 विदेशी और एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह समेत 20 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ध्रुवीय उपग्रह (पीएसलएवी-सी34) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी और नयी पीढ़ी के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (काटरेसैट-2 सीरीज) और 19 अन्य उपग्रहों को ‘सन सिंक्रोनस ऑर्बिट’ कक्षा में स्थापित कर दिया.

इसी साल उत्तर प्रदेश के उन्नाव में देश के 302 किलोमीटर लम्बे , छह लेन वाले एक्सप्रेस-वे ने काम करना शुरू कर दिया. सामरिक दृष्टिकोण के लिहाज से महत्वपूर्ण इस एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दौरान भारतीय वायुसेना के सुखोई समेत अत्याधुनिक विमानों ने इस सड़क से उड़ान भरी. वायुसेना के विमानों के लिये उपयुक्त यह एक्सप्रेस-वे जरूरत पड़ने पर हवाई पट्टी के तौर पर भी काम करेगा.

चीन और पाकिस्तान द्वारा एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर विरोध जताये जाने की बात पर अमेरिका ने भारत का पक्षे लेते हुए इसी साल कहा कि भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण कानून की अनिवार्यताओं को पूरा करता है और विशिष्ट क्लब में प्रवेश लेने के लिए तैयार है.

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