‘आतंकी हमलों को रोकने में नाकामयाब रही है केंद्र सरकार’ : संसदीय समिति

सुरक्षा मामलों की संसदीय समिति ने बुधवार को अपनी एक रिपोर्ट राज्यसभा में पेश की, जिसमें बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय कैसे काम कर रहा है. कमेटी ने मंत्रालय के काम करने की प्रक्रिया पर कई सवाल भी उठाए हैं. संसदीय समिति ने सरकार की काउंटर टेरर पॉलिसी में कई बड़ी खामियों का ज़िक्र करते हुए कहा है कि सरकार न तो आतंकी हमले रोक पाने में सक्षम है न ही उसने पठानकोट में हुए हमले से कुछ सबक सीखा है.

समिति का ये भी मानना है कि सरकार तमाम कोशिशों के बावजूद आतंकवादी हमलों को रोक पाने में नाकामयाब रही है. अकेले जम्मू-कश्मीर में ही बारामूला, पंपोर, नगरोटा, हंदवाड़ा में लगातार एक के बाद एक आतंकवादी हमले हुए. संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में लिखते हुए कहा है कि जल्द से जल्द सभी लूपहोल ढूंढ कर भरने की ज़रूरत है, साथ ही इंटेलिजेंस को एकत्र करने की तकनीक में भी बदलाव लाने की ज़रूरत है.

पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम इस संसदीय समिति की अगुवाई कर रहे हैं. चिदंबरम के मुताबिक उन्हें ये बात गले से नहीं उतर रही कि अलर्ट के बावजूद आतंकी पठानकोट एयरबेस में कैसे घुस गए और हमला करने में कामयाब कैसे रहे.

संज्ञान लेते हुए समिति ने कहा कि आतंकियों ने पंजाब पुलिस के एसपी को अगवा कैसे कर लिया. समिति का मानना है हमारे सुरक्षा ग्रीड में कई खामियां है. सरहद पर फ्लड लाइट्स लगे होने और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स यानी बीएसएफ के पहरे के बावजूद आतंकी भारत में दाखिल होने में कामयाब कैसे हो गए. समिति ने यह भी कहा है कि ये भी समझ में नहीं आ रहा कि आतंकियों ने एसपी और उसके दोस्त को अगवा करने के बाद कैसे और क्यों छोड़ दिया. इस बात की एनआईए को ठीक तरह से जांच करनी चाहिए. समिति ने इस बात पर अपनी नाराज़गी भी जताई कि एक साल होने के बाद भी अभी तक एनआईए अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है.

सुरक्षा मामलों से जुड़ी इस समिति ने सरकार से इस बात पर अब जवाब मांगा है कि जब पाकिस्तान की टीम भारत आई थी, तब क्या ये साफ़ किया गया था कि भारत से भी एनआईए की टीम जांच के लिए पाकिस्तान जाएगी.

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