केंन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में माना, आधार का डाटा लीक हुआ

"आधार न बनवाना अपराध जैसा है", बुधवार को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने केंन्द्र सरकार की ये दलील ख़ुद ख़ारिज कर दी. कोर्ट ने कहा, सरकार ऐसा तर्क नही दे सकती, क्योंकि लोग आधार क़ानून को चुनौती दे रहे हैं.

बुधवार को एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार ने माना कि आधार का डाटा लीक उसके यहां से हुआ है. सरकार ने साफतौर पर कहा कि आधार डाटा UIDAI से नहीं, दूसरे सरकारी विभागों से लीक हुआ है और इसे एक साथ पारदर्शी और सुरक्षित रखने में दिक्कत आ रही है.

ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बुधवार को साफ शब्दों में कहा कि सरकार तेज़ी से बड़ी सरकारी योजनाओं को आधार से जोड़ने की दिशा में आगे लगातार आगे बढ़ रही है. और वो भी तब जब आधार का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है.

ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, "हम लोगों से लगातार ये आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें न सिर्फ आधार कार्ड़ बनवाना चाहिए, बल्कि आधार को योजनाओं और बैंक अकाउंट से भी लिंक कराना चाहिए." तोमर ने ये भी दावा किया कि देश में 11 करोड़ मनरेगा जॉब कार्ड होल्डर हैं और इनमें से 8 करोड़ का आधार कार्ड बन चुका है, जबकि इनमें से करीब 4.5 करोड़ मनरेगा जॉब कार्ड होल्डरों का बैंक अकाउंट आधार से जोड़ा जा चुका है.

सुप्रीम कोर्ट आधार को अनिवार्य बनाने पर लगातार सुनवाई कर रहा है और उसे ही ये तय करना है कि वो आधार को कितना ज़रूरी माने.

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