नोटबंदी के बीच पहली सैलेरी, एटीएम कैश से खाली 

8 नंवबर को नोटबंदी लगने के बाद पहली बार दिसंबर महीने में लोगों की सैलेरी आई। कुछ लोगों का वेतन 30 नवम्बर को ही आ गया था, जिसे निकालने के लिए बुधवार की रात एटीएम के बाहर लंबी लाइने दिखी। महीने की पहली तारीख पर गुरुवार की सुबह से ही बैंकों और एटीएम के बाहर वेतनभोगियों की लंबी कतार दिखी। देशभर में आम जनता की भीड़ सैलेरी के लिए लाइनों में लगी रही, लेकिन ज्यादातर को निराशा ही हाथ लगी। बैंको में तय सीमा 24 हज़ार होने के बावजूद लोगों को कम पैसा मिला, वहीं दूसरी तरफ कई एटीएम बंद रहे तो कुछ में पैसे ही नहीं थे। 

ग़ाज़ियाबाद के लाजपत नगर में बुधवार की रात एटीएम के बाहर रोज़ाना के मुकाबले लंबी लाइन देखने को मिली तो वहीं गुरुवार की शाम दिलशाद गार्डन मेट्रो स्‍टेशन के पास के एटीएम खाली पड़े दिखे।  देश के कोने- कोने में लोग घरेलु जरूरतों के लिए लाइनों में जूझते दिखे। भारत के राज्‍य उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र आदि राज्‍यों में भी स्थिति इसी तरह बनी हुई है। तमिलनाडु में बारिश के बीच भी लोग एटीएम के बाहर मशक्कत करते रहे। 

समस्या: सैलरी आने पर भी लोगों को तय सीमा के अनुसार पैसे नहीं मिल पा रहे है। जिन लोगों को पैसे मिल रहे है, तो उन्‍हें 2000 रूपये के बड़े नोट मिल रहे है जो लोग लेना नहीं चाहते नोटबंदी के बीच नई समस्या है। 500 रूपये के नोट अभी तक बैंकों में पहुचें ही नहीं है और वहीं शुक्रवार यानी आज से पुराने 500 रूपये के नोट भी पेट्रोल पंप और एयरलाइन टिकट काउंटर पर बंद हो जाएंगे। 

कर्मचारियों की सैलरी 30 से 8 तारीख के बीच आती है इसलिए आशंका लगाई जा रही है कि ये हालात 7-8 दिनों तक ऐसे ही बने रह सकते हैं।

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