Film Review: दमदार अभिनय के साथ देश प्रेम की कहानी रंगून

विलियम शेक्‍सपीयर की रचनाओं पर कई फिल्‍म डायरेक्‍ट करने वाले डायरेक्‍टर विशाल भारद्वाज की फिल्‍म ‘रंगून’ बड़े पर्दे पर शुक्रवार को रिलीज़ हो गई है. आइए जानते हैं, फिल्‍म की कहानी.

फिल्म ‘रंगून’ की कहानी

इस फिल्‍म की द्वितीय विश्व युद्ध यानी वर्ष 1939 से वर्ष 1945 के दौरान की कहानी है. उस वक्‍त भारत में ब्रिटिश सेना की हुकूमत थी. भारत और बर्मा की सरहद के पास के जंगलों में इंग्लिश और भारत की सेना का मनोरंजन मिस जूलिया करती हैं. मिस जूलिया का किरदार अभिनेत्री ‘कंगना रनौत’ ने निभाया है.

मिस जूलिया की जिंदगी की भी एक अलग कहानी है, कि वो किस तरह से ज्वाला देवी से मिस जूलिया बनी. जूलिया का फिल्म के प्रोड्यूसर रुस्तम बिलिमोरिया उर्फ रुसी से अफयेर होता है. रुसी की भूमिका में सैफ अली खान नजर आएंगे. वहीं जूलिया की ख्वाहिश मिसेज बिलिमोरिया बनना है. मगर दोनों के बीच प्रेम की भावनाएं कम और एहसान का भाव ज्यादा हावी रहता है. एक बार मेजर जनरल हार्डिंग के कहने पर जूलिया को बर्मा बॉर्डर पर सैनिकों का मनोरंजन करने के लिए भेजा जाता है.

यहां पर जूलिया की मुलाकात जमादार नवाब मलिक से होती है. नवाब मलिक की भूमिका शाहिद कपूर ने निभाई है. फिर जूलिया और नवाब दोनों को एक अलग तरह का प्यार हो जाता है. फिल्‍म में एक तरफ जहां वर्ल्ड वॉर में भारत की सेना के नवाब मलिक कुछ अलग करने की चाह रखते हैं. वहीं इस में जूलिया की कुछ हिस्सेदारी होती है. देश प्रेम इसमें दर्शाया गया है.

अब बात फिल्‍म की

वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान होने वाली कुछ घटनाओं को एक स्टोरी के तहत बताने की कोशिश की है, जो शायद आपको इतिहास के पन्नों की तरफ ले जाती है. फिल्म पर अच्छी रिसर्च की गई है.

कंगना रनौत ने एक बार फिर उम्दा अभिनय किया है. मेजर जनरल के किरदार में ब्रिटिश एक्टर रिचर्ड मैकेबे बेहतरीन हैं. सैफ अली खान और शाहिद कपूर ने शानदार अभिनय किया है.

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