कालेधन को सफेद करने का आज से एक और मौका

मोदी सरकार ने शुक्रवार को देशवासियों ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए तीन महीने का एक और मौका दिया, राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 31 मार्च, 2017 तक कोई भी अपने गैरकानूनी धन की घोषणा कर सकता है, और 50 फीसदी कर के रूप में देकर शेष धनराशि को जायज़ बना सकता है. इसके अलावा उन्होंने चेतावनी भी दी कि बैंकों में जमा कराई गई सारी रकम निगरानी में है, और खासतौर से वे बैंक खाते, जिनमें बार-बार पैसे जमा किये जा रहे हैं.
उन्होंने साफ किया, "बैंकों में जमा कराया गया सारा धन कानूनी नहीं है, जब तक कानून के मुताबिक टैक्स अदा न कर दिया जाए... तो ऐसा न सोचिए कि आपका काला धन बैंक में जमा हो गया, इसलिए वो जायज़ हो गया....जांच के बाद ही तय करिएगा..."
सरकार ने लोगों से यह निवेदन भी किया है कि वे काले धन से जुड़ी कोई भी सूचना सरकार को ई-मेल के ज़रिये भेज सकते हैं. हंसमुख अधिया ने बताया, "हमने काले धन की जानकारी सीधे भेजने के लिए खास ईमेल एड्रेस बनाया है, जो है blackmoneyinfo@incometax.gov.in"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद कर दिए जाने के बाद उन्हें बैंक खातों में जमा कराने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है, लेकिन राजस्व सचिव के मुताबिक नई योजना के तहत अपने काले धन की घोषणा कर सकते हैं. इस योजना के तहत धन की घोषणा करने वालों को अपनी रकम का एक चौथाई हिस्सा ऐसे खाते में चार साल तक रखना होगा, जिसमें कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा.

हंसमुख अधिया के मुताबिक, "नई योजना के तहत बेहिसाबी नकदी की घोषणा कल (शनिवार, 17 दिसंबर) से 31 मार्च तक की जा सकती है..." उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना का मतलब 'माफी नहीं' है, बल्कि 'काले धन की व्यवस्था से बाहर निकलने' का आखिरी मौका है.
राजस्व सचिव ने बताया कि नोटबंदी के बाद से कर अधिकारियों द्वारा मारे गए छापों में अब तक लगभग 216 करोड़ रुपये की रकम जब्त की जा चुकी है, जिसमें से लगभग 80 करोड़ रुपये नए नोटों में बरामद हुए हैं. उन्होंने कहा कि काला धन रखने वाले उसे छिपाने के लिए लगभग एक ही तरीके से काम करते हैं, जिसमें कई-कई खातों में रकमों को रखना, गरीबों के लिए बनाए गए जन-धन ज़ीरो-डिपॉज़िट खातों का दुरुपयोग करना और फर्ज़ी कंपनियां स्थापित करना शामिल है.
हंसमुख अधिया ने कहा, "सबको नकदी जमा करवातें हुए ये याद रखना चाहिए कि जमा करवाए जा रहे काले धन पर लगातार नज़र रखी जा रही है..." इसके अलावा यह भी कहा कि इसके पीछे का मकसद 'इंस्पेक्टर राज' लाना नहीं है, बल्कि लोगों को 'एहसास होना चाहिए कि विभाग के पास लोगों की जमा रकमों के बारे में जानकारी है.

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