Budget 2017

Budget 2017 received critiques from opposition including Former Prime Minister Manmohan Singh who questioned Finance Minister Arun Jaitley's statement on the impact of demonetisation being transitory.He said that there is no indication that impat of notes-ban will be short-term.

In the budget speech, the Finance Minister strongly defended the decision to suddenly do away with 500 and 1,000 rupee notes in November.

On the other hand, Congress party's vice president Rahul Gandhi also expressed disappointment and said that Government failed to make an impact with the Budget. He added that job creation found no place in the “good speech” of Arun Jaitley and the Budget lacked vision.

The Budget presented by Mr Jaitley also received reaction from the Kejriwal government which said that not a single rupee has been enhanced in the Union Budget 2017-18 for it. The Centre on allocated Rs 758 crore to Delhi for financial year 2017-18 on Wednesday where as the share in central taxes and duties for Delhi remained unchanged despite the AAP government’s continuous demand for an increase.

The Parliament passed the GST constitutional bill in august 2016 which carved  way for a uniform indirect tax regime in the country. The law will give unparalleled powers to the Centre in collecting indirect taxes in the country and is expected to increase the government revenue by improving the compliance rate. Take a look at how GST will affect the common man:-* The GST Council has agreed upon a tax structure under GST with tax slabs of 5 per cent, 12 per cent, 18 per cent and 28 per cent respectively.

* The GST Council has agreed upon a tax structure under GST with tax slabs of 5 per cent, 12 per cent, 18 per cent and 28 per cent respectively.
* Various goods under GST are expected to be made cheaper under four-slab tax structure.
* Essential items including food constituting around half of the consumer inflation basket will be taxed at zero rate, according to sources.
* For common use items, the lowest rate of 5 per cent would be applicable.
* The services would be charged at 18 per cent most probably which will make eating out in air conditioned restaurants, DTH and mobile services cheaper.
* For items that are taxed at 30-31 per cent,the higher rate under GST is likely to be applicable.
* Tax rate that has to be charged on gold is not yet finalised by the government.
* Several manufactured items including most white goods (example- refrigerator, washing machine etc.)are taxed at an excise rate of 12.5 per cent and VAT of 14.5 per cent and these items are taxed at a combined 30-31 per cent along with cascading effect. These goods will be taxed at 28 per cent.
* Tax would also be levied on products such as tobacco, luxury cars and aerated drinks on top of 28 per cent tax bracket.

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट के बाद रेस्तरां मे खाना,फोन बिल,हवाई सफर समेत तमाम सेवाएं महंगी हो सकती हैं,जीएसटी लागू करने की तैयारी मे जुटे वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट में सर्विस टैक्स को मौजूदा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 16-18 प्रतिशत करने का ऐलान कर सकते हैं,इस कदम का उद्देश्य इसकी दर को जीएसटी के लिए प्रस्तावित दरों के करीब लाना हैं

जीएसटी के लागू होने  के बाद केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लगाए जाने वाले तमाम अप्रत्यक्ष कर इसमे समाहित हो जाएंगे ! जीएसटी की प्रस्तावित टैक्स स्लैब में इसकी दरों को 5%,12%,18% और 28% के स्तर पर रखने का निर्णय किया गया है,टैक्स एक्सपटर्स की माने तो सर्विस टैक्स की दर को इस बार के बजट में उपरोक्त में से किसी एक स्तर के नजदीक ले जाना तर्क संगत होगा, वित्त मंत्री ने पिछले बजट में सर्विस टैक्स की दर को आधा फीसदी बढ़ाकर 15% कर दिया था,इस वर्ष वे इसे बढ़ाकर 16% कर सकते हैं, कुछ एक्सपटर्स की राय हैं कि विभिन्न सेवाओं को अलग-अलग स्तर की दरों के साथ रखा जा सकता है,ऐसे मे आम लोगों के इस्तेमाल की सेवाओं पर 12% और बाकी पर 18% की दर रखी जा सकती है

पिछले बजट में सर्विस टैक्स से 2.31 लाख करोड़ रुपए हासिल होने का अनुमान था,यह केंद्र सरकार के कुल 16.30 करोड़ रुपए के टैक्स रेवेन्यू के अनुमानित बजट के 14%  के बराबर है !

वित्‍त मंत्री अरूण जेटली 1 फरवरी को तीसरा बजट पेश करने जा रहे हैं. हाल ही में सरकार के द्वारा नोटबंदी के फैसले से इकोनॉमी और आम आदमी पर पड़े असर को कम करने के लिए मोदी सरकार अपने तीसरे बजट में राहत के लिए बड़े ऐलान कर सकती है. नोटबंदी से कारोबारियों पर काफी असर बढ़ा है, ऐसे में कारो‍बारियों को बजट से बड़े ऐलानों की उम्‍मीद है.

मोदी सरकार भारत को कैशलेस सोसायटी बनाना चाहती है, तो ऐसे में कैशलेस सोसायटी बनाने के लिए जेटली अपने बजट से कुछ ठोस ऐलान कर सकते हैं. इस बार के बजट में कुछ नई बातें होने जा रही है, जो पहले कभी नहीं हुई है.

  • हमेशा से बजट फरवरी के अंत में और मार्च के शुरूआत में आता था, लेकिन बजट 2017-18 इस बार 1 फरवरी को पेश होने वाला है. दरअसल, पिछले साल ही ये फैसला लिया गया था, कि बजट अब पहले पेश किया जाएगा.
  • इस बार करीबन 92 साल पुरानी परंपरा को तोड़ा जा रहा है. दरअसल, भारत में ब्रिटिश काल से एक परंपरा चली आ रही थी, कि रेल बजट और आम बजट अलग-अलग पेश होते थे, मगर मोदी सरकार ने इस चलन को तोड़ दिया है. इस बार रेल बजट आम बजट के साथ ही पेश किया जाएगा. दोनों बजट को एक कर देने के बाद भी रेलवे की ऑटोनॉमी बनी रहेगी.
  • इस बार पहली बार ऐसा होगा, कि सरकार अपने बजट में प्‍लान और नॉन प्‍लान कैटेगरी में अपने खर्चे पेश नहीं करेगी. इसकी बजाय रेवेन्‍यू और कैपिटल एक्‍सपेंडिचर में सरकारी खर्च को बांटा जाएगा.

केन्‍द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2016-17 पेश किया है. राष्‍ट्रपति के अभिभाषण के बाद पिछले साल अर्थव्यवस्था का लेखाजोखा यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया है. आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट आने वाले बजट का आइना होता है. इस साल नोटबंदी को देखते हुए सर्वेक्षण को खास अहम माना जा रहा है.

इकोनॉमिक सर्वे में मुताबिक 2017-18 में GDP ग्रोथ 6.75-7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, साथ ही चालू वित्त वर्ष में भारत सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली इकोनॉमी बना रहेगा. आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार ने यह माना है, कि नोटबंदी के फैसले से जीडीपी ग्रोथ और जॉब पर पड़ा है, जोकि आने वाले एक साल तक बना रहेगा. आर्थिक सुधारों के चलते भारत दुनिया में एफडीआई पाने वाले अव्वल देशों में शामिल हुआ.

आइए जानें आर्थिक सर्वेक्षण की कुछ खास बातें.

  • कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर साल 2015-16 की 1.2 प्रतिशत से बढ़कर चालू वर्ष में 4.1 प्रतिशत हो गई.

  • नोटबंदी से कुछ वक्‍त के लिए नुकसान हुआ है, मगर लंबे वक्त में फायदा होगा.
  • नोटबंदी से पैदा हुई कैश की कमी अप्रैल 2017 तक दूर होने की उम्मीद की जा रही है.
  • साल 2017-18 में जीडीपी विकास दर 6.5 - 7.5 फीसदी रहने का अनुमान है.
  • 2016-17 में सेवा क्षेत्र में 8.8% की वृद्धि हुई है.

  • 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहा और नोटबंदी के बाद 2017-18 के लिए सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 6 ¾ से 7 ½ प्रतिशत होने के अनुमान है.

संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है. सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई. संसद भवन के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दोनों सदनों को एक साथ संबोधित कर रहे हैं.

राष्ट्रपति अपने भाषण में सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का लेखाजोखा बता रहे हैं.

  • राष्ट्रपति ने कहा, सरकार का लक्ष्‍य है, ‘सबका साथ, सबका विकास’
  • 11 हज़ार गांवों में बिजली पहुंचाई गई
  • जनशक्ति के लिए सरकार को सलाम
  • खरीफ की पैदावार में 6 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी
  • 13 करोड़ गरीबों को मिली है, सामाजिक सुरक्षा
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसान को फायदा हुआ है और किसान से रिस्‍क घटा
  • सरकार की योजना से दाल की कीमत घटी
  • सरकार का नारी शक्ति का लक्ष्य
  • रोजगार बढ़ाने के लिए 6 हजार करोड़ रूपये का बजट
  • पहली बार 3 महिला लड़ाकू पायलट बनी
  • 1 करोड़ को PMKVY के तहत ट्रेनिंग का लक्ष्‍य
  • UNI नंबर से कर्मचारियों को फायदा
  • स्क्लि डेवलपमेंट के तहत कई प्रोग्राम शुरू किए गए
  • दिव्‍यांगों को बराबर दर्ज देने का लक्ष्‍य
  • 6 लाख दिव्‍यांगों को नौकरी देने का लक्ष्‍य
  • 2022 तक सबको अपना - अपना घर देने का लक्ष्‍य
  • दिव्‍यांगों के आरक्षण को बढ़ाकर 4 फीसदी किया
  • गरीबों को अच्‍छी शिक्षा और स्‍वास्‍थ्य देने पर जोर
  • अरूणाचल-मेघालय रेल लाइन से जुड़ेंगे
  • सभी गांव सड़कों से जुड़ेंगे
  • राष्ट्रपति ने कहा, ‘8 नबंवर को हमारी सरकार ने विमुद्रीकरण का साहसिक फैसला लिया, कालेधन के खिलाफ जंग में यह एक बड़ा फैसला था’
  • 40 साल से हमारा देश आतंक से जूझ रहा है
  • सितंबर 2016 में हमारी सरकार ने सफलता पूर्वक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर सीमाओं पर आतंक के खिलाफ कड़ा कदम उठाया
  • सेना के शौर्य पर हमें गर्व है और मेरी सरकार ने OROP की लंबे वक्‍त से चली आ रही मांग को पूरा किया है
  • राष्‍टपति ने कहा, ‘मेरी सरकार में नौकरियों में नियुक्तियों को पारदर्शिता बनाया गया है, साथ ही  नीलामी और आवंटन प्रकियाओं में भी पारदर्शिता लाई गई

आप को बता दें, इस बार के बजट में ऐसा पहली बार होगा जब अभिभाषण के बाद सरकार एक आर्थिक सर्वे पेश करने वाली है. आर्थिक सर्वे को देश की अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति और आने वाले बजट का आईना माना जाता है. इस साल के बदलावों में एक बदलाव एक बड़ा बदलाव ये भी है कि इस बार अलग से रेल बजट पेश करने की परंपरा खत्म की जा रही है. रेलवे से जुड़े प्रावधान आम बजट में ही शामिल होंगे. नोटबंदी के फैसले के बाद और आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस बजट सत्र को बेहद अहम माना जा रहा है.

आज से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो रही है. आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने से पहले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, कि आज एक और नई परंपरा शुरू होने जा रही है. साथ ही कहा,‍ कि पिछले दिनों सभी राजनीतिक दलों के साथ सामूहिक रूप से बजट पर बारीकी से चर्चा हुई है. 1 फरवरी को बजट पहली बार पेश होने रहा है. इससे पहले फरवरी के आखिरी दिनों में ही बजट पेश होता आया है.

पीएम मोदी ने यह भी कहा,  कि हमारे देश में पहले बजट शाम को 5 बजे पेश किया जाता था. अब समय बदलकर सुबह सदन शुरू होते ही कर दिया गया है.

8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद एटीएम से पैसे निकालने की लिमिट एक फरवरी से खत्म होने वाली है. RBI ने सोमवार को इसका ऐलान कर दिया था. हालांकि, अभी हफ्ते भर में 24 हजार निकालने की सीमा बरकरार है. यह सीमा केवल सेविंग अकाउंट को लेकर है.जनवरी को भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक एटीएम से पैसे निकालने की सीमा प्रतिदिन 4500 रुपए से बढ़ाकर रोजाना 10,000 रुपए कर दी थी.
आरबीआई ने कहा है कि 'सेविंग अकाउंट्स को लेकर बनी हुई लिमिट पर निकट भविष्य में विचार' किया जा रहा है'.

 

On Monday, the rupee hit a two-week high of 67.95 against the US dollar appreciating by 8 paise on sustained unwinding of the greenback by banks and exporters.

Domestic currency is supported after a tepid start due to the extremely bearish dollar overseas and robust capital inflows.

There is growing optimism ahead of the annual budget with firm policy measures to attract healthy foreign flows.

New US President Donald Trump's has imposed immigration curbs on seven predominantly Muslim countries causing the American dollar come under renewed pressure against most of its major rivals on heightened concerns about the impact of the new US administration's policies on trade and the economy.
In a four-day rise against the dollar, the rupee has strengthened by a good 25 paise. Foreign funds and overseas investors have infused $158.80 million during the week which also bolster sentiment. The US dollar index was trading slightly higher at 100.94 in late afternoon.

The Indian unit also hardened against the British pound and finished at 85.11 from 85.33 per pound and also rose against the euro to settle at 72.56 (72.76 before).However it fell back against the Japanese yen to settle at 59.22 per 100 yens from 59.15 last weekend.