लोगों के दिल पर राज करने वाले ‘राज कपूर’ के बारे में जानते है कुछ राज की बातें

हिंदी फिल्म जगत के शोमैन और लाखों दिलों पर हमेशा से अभिनेता-निर्माता-निर्देशक के रूप में राज करने वाले 'राज कपूर' का जन्‍मदिन है। वो हमें बीच तो नहीं, मगर आज भी वो हमारे दिलों और जुंबा पर जिन्‍दा है। उनके गाने आज भी लोग सुनते और गुनगुनाते है, 'मेरा जूता है जापानी, लेकिन' , 'ए भाई जरा देख के चलो'।
शोमैन राज कपूर के करियर की शुरूआत के एक जोरदार चांटे से हुई थी। जी हां, चांटे से। आप को बताते है, इस चांटे का पूरा किस्‍सा और साथ ही जानते है, उनके कुछ दिलचस्‍प किस्‍से भी, जो शायद ही अपने सुने हो।
हिन्‍दी जगत को एक से बढ़कर एक फिल्‍म देने वाले राज ने महज 17 साल की उम्र में रंजीत मूवीकॉम और बांबे टॉकीज फिल्म प्रोडक्शन कंपनी में स्पॉटब्वॉय का काम शुरू किया था और उस समय के जाने-माने निर्देशक केदार शर्मा ने गुस्‍से में राज कपूर को जोरदार चांटा मारा दिया था। दरअसल, हुआ कुछ यू था, कि राज एक फिल्म में क्लैपर ब्वॉय के रूप में काम कर रहे थे, और एक बार इतनी जोर से क्‍लैप की, कि अभिनेता की नकली दाढ़ी क्लैप में फंसकर बाहर आ गई और फिर केदार शर्मा ने गुस्से में आकर राज को एक जोरदार चांटा मार दिया, लेकिन आगे चलकर केदार शर्मा ने ही अपनी फिल्म 'नीलकमल' में राज कपूर को बतौर नायक के रूप में लिया।
राज कपूर के बारे में एक और बड़ा ही दिलचस्प किस्‍सा है, ऐसा कहते हैं कि जब राज कपूर छोटे थे, तो उनका मन एक सफेद साड़ी पहने हुई एक महिला पर मोहित हो गया। उस सफेद साड़ी से राज का मोह इतना गहरा हो गया, कि राज कपूर की हर फिल्‍म में हर अभिनेत्री को सफेद साड़ी में जरूर नजर आती।
सबका मन मोह लेने वाले राज का मन कभी कभी पढ़ाई में नहीं लगा और 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी होने से पहले ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। इससे भी दिलचस्प बात यह है कि अपने मन की करने वाले राज कपूर ने स्‍कूल के दिनों में अपनी किताबें-कॉपियां बेचकर खूब केले, पकौड़े और चाट के मौज लिए है।

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