पर्रिकर का रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा मंजूर, अरुण जेटली को मिला रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार

रक्षा मंत्री के पद पर कार्यरत मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्‍यमंत्री नामित किए जाने के बाद रक्षा मंत्री के पद से इस्‍तीफा दे दिया है. उन्‍होंने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया है. पीएमओ ने इस्‍तीफे को मंजूरी देने के बाद उसे मंजूरी के लिए राष्‍ट्रपति के पास भेजा है. राष्‍ट्रपति की मुहर के बाद वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्‍त कार्यभार दिया गया है. उल्‍लेखनीय है कि जेटली के पास पहले भी इस मंत्रालय का प्रभार था लेकिन बाद में मनोहर पर्रिकर के रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्‍होंने इस प्रभार को छोड़ दिया था.

केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को ही राज्‍यपाल से मुलाकात कर बीजेपी की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इसके बाद गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्‍योता दिया है. राज्‍यपाल ने शपथग्रहण के बाद 15 दिनों के भीतर पर्रिकर को बहुमत साबित करने को कहा है.

मीडिया में शनिवार शाम उनके इस्‍तीफे की गलत खबरें आई थी, लेकिन बाद में नितिन गडकरी ने स्थिति स्‍पष्‍ट करते हुए बताया कि शपथग्रहण की तारीख तय होने के बाद ही पर्रिकर रक्षामंत्री का पद छोड़ेंगे.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड दोनो ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर को बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री का पद दिया जाता है तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. गडकरी बोले कि मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने पीएम मोदी और संसदीय बोर्ड से इस पर चर्चा की है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ने को तैयार हैं. नितिन गडकरी ने कहा जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.

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