जगजीत सिंह स्पेशल : “चिठ्ठी न कोई सन्देश कहां तुम चले गए”

जगजीत सिंह हिंदी ग़ज़ल की दुनिया का जाना माना नाम है जिनकी ग़ज़लें हर किसी की ज़ुबान गुनगुनाने को बेताब रहती है . हिंदुस्तान के ग़ज़ल किंग का जन्म राजस्थान के श्री गंगानगर में आज ही के दिन 1941 में हुआ था . जगजीत जी का बचपन में नाम जीत था लेकिन अपनी मधुर आवाज़ से लोगों का दिल जीतने पर उनका नाम जगजीत पड़ गया .

जगजीत को संगीत के प्रति बचपन से ही लगाव था इसलिए उन्होंने दो साल तक शास्त्रीय संगीत भी सीखा हालांकि उनके पिता जी चाहते थे कि उनका बेटा भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाये पर जगजीत जी को तो संगीत से इश्क़ हो गया था. जगजीत संगीत में ही अपना करियर बनाना चाहते थे इसलिए अपनी डिग्री पूरी करने के बाद ही जगजीत अपने परिवार को बिना बताए मुम्बई चले आए. मुम्बई आकर शुरुआती दिनों में  विज्ञापनों में जिंगल्स और शादी समारोह में गाकर उन्हें संघर्ष करना पड़ा उसके बाद जगजीत ने प्लेबैक सिंगिंग से बॉलीवुड में कदम रखा.

जगजीत जी का पहला एल्बम  ‘द अनफ़ॉरगेटेबल्स' 1976 में आया जो लोगों को बेहद पसंद आया. जगजीत बताते हैं उन्होंने अपनी पहली एल्बम की कमाई से मुम्बई में पहला घर खरीदा .

ग़ज़ल किंग ने जब फिल्मों में ग़ज़ल की शुरुआत की तो लोगों को उनकी आवाज़ और उनका अंदाज़ बहुत पसंद आया लेकिन ग़ज़ल के जानकारों को उनका अलग प्रयोग बिल्कुल भी रास नहीं आया. ये दौर था जब लोगों ने पंकज उदास और जगजीत सिंह की वजह से ग़ज़ल के नए अंदाज़ में रूचि दिखानी शुरू कर दी थी शायद यही वजह थी कि परंपरागत गायको को ये नई प्रवृत्ति पसंद नहीं आ रही थी .

पर्सनल लाइफ: संगीतकार जगजीत को भी अपने दिनों में पहली मोहब्बत हुई थी वो बताते हैं ”एक लड़की को चाहा था. जालंधर में पढ़ाई के दौरान साइकिल पर ही आना-जाना होता था. लड़की के घर के सामने साइकिल की चैन टूटने या हवा निकालने का बहाना कर बैठ जाते और उसे देखा करते थे."

1967 में उनकी मुलाकात चित्रा दत्ता से हुई जिन्होंने अपने पति से तलाक़ लेकर दो साल बाद जगजीत सिंह से शादी रचा ली. 1990 जगजीत और चित्रा जी के लिए काफी मुश्किल रहा था. उनके बेटे विवेक की रोड एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी . उस समय से ग़ज़ल सम्राट का संगीत से लगाव कम हो गया था.

निधन : ग़ज़ल गायक ब्रेन हैमरेज से पीड़ित हो गए थे उन्हें ये बात उस दिन पता चली जब वो प्रसिद्ध गजल गायक गुलाम अली के साथ एक शो की तैयारी कर रहे थे। ब्रेन हैमरेज की सर्जरी के बाद उनकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी कुछ समय तक वे मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती रहे थे. 10 अक्टूबर 2011 को सुबह 8 बजे मुंबई में ग़ज़ल के बादशाह इस दुनिया को छोड़कर चले गए.

Jagjeet 2Jagjeet 3Jagjeet 4Jagjeet 5Jagjeet 6Jagjeet 7Jagjeet 8Graphics : Yash Shukla

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *